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उत्तरी पूर्व अमेरिका और कैनेडा की सड़क यात्रा

योग दानी

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उत्तर पूर्वी अमेरिका और कैनेडा की रोमांचक सड़क यात्रा की मनोहर कहानी

उत्तर पूर्वी अमेरिका की सड़क यात्रा

मैंने यूनिवर्सिटी आफ नार्थ कैरोलाइना में अपनी स्नातकोत्तर कक्षा के सहपाठियों द्वारा संचालित फेशबुक पेज पर जाकर देखा, तो यह पाया कि अधिकांश विद्यार्थी अपनी रोजमर्रा के जीवन में व्यस्त थे। पढ़ाई खत्म होने और जीवन पर्यन्त जीविका की चिंता में अपना जीवन होन करने से पहले, मैं अपने एक बहुत पुराने सपने को साकार करना चाहता था! यदि मेरी इच्छा पूर्णतः पूरी न भी हो पाये, तो भी कम से कम, उस दिशा में कुछ प्रयत्न तो करना ही चाहता था। बचपन से ही मुझे नई-नई जगहों को देखने का कौतूहल रहा है। कुछ ऐसा ही स्वभाव मेरे पिता का भी रहा है, इसी कारण जब भी अवसर मिला उन्होंने किसी न किसी बहाने यात्रा की और जब भी उचित हुआ मुझे भी अपने साथ ले गये। परंतु, भारत के एक छोटे से नगर में छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाले को इस प्रकार के कितने अवसर मिल पाते हैं? अपने पिता के साथ बचपन में ही मिलने वाले इस प्रकार के अवसरों ने मुझे भी कुछ घुमक्कड़ मिजाज़ का बना दिया। परंतु, उनके प्रोत्साहन में इस प्रकार मैंने हमेशा नये-नये प्रयोग करना सीखा है। इसी कारण जैसे-जैसे मैं बड़ा होता गया, मेरी भ्रमण करने और इस धरती और इस पर रहने वाले लोगों, अन्य प्रजातियों, वनस्पति तथा इसके भूगोल के बारे में अधिकाधिक जानने की इच्छा बढ़ती चली गई।

गत वर्ष जब मुझे यहाँ अमेरिका में उच्च शिक्षा का अवसर मिला, तभी से मेरी अमेरिका भ्रमण की इच्छा थी। पहले वर्ष का पाठ्यक्रम समझने और यहाँ के वातावरण में अपने को स्थापित करने के कारण, अभी तक इस विषय में कुछ विशेष नहीं कर पाया। समय की कमी के साथ-साथ इसके लिए आवश्यक धन भी मेरे पास नहीं था। मुझे अपना काम चलाने लायक छात्रवृत्ति तो मिल रही है, पर धनराशि में अमेरिका घूमने का शौक पूरा हो सके, इसकी संभावना कम ही दिखाई पड़ती है। डॉलर और रुपये में असमानता इतनी अधिक है कि अपने परिवार से पैसे माँगकर अपनी इच्छाएँ पूरी करूँ, इसकी संभावना नहीं के बराबर है। वैसे भी, मध्यम वर्ग के लोगों के पास अपना जीवन चलाने के लिए धन होता है, न कि अपने शौक पूरे करने के लिए! इन गर्मियों में मैं उत्तरी पूर्व अमेरिका के जितने भागों मे सम्भव हो सके, उतने स्थानों पर जाना चाहता था। इसी इच्छा से जब मैंने अपनी कक्षा के फेश बुक के पेज पर यह जानना चाहा, कि क्या कोई और भी सड़क यात्रा में दिलचस्पी लेना चाहता है, तब मुझे आशा थी कि संभवतः कई लोग इस प्रकार की यात्रा के इच्छुक होंगे। परंतु, जब पूरा एक दिन निकल जाने के बाद भी किसी ने कोई टिप्पणी नहीं की, तब तो मुझे निराशा होने लगी।

अंततोगत्वा, दूसरे दिन किसी मेरी एन ने फेशबुक पेज पर लिखा कि, यदि मैं कैनेडा की यात्रा भी करने में इच्छुक होऊँ, तब वह भी सोच सकती है। ऐसा मैंने क्यों सोचा, यह तो मैं नहीं जानता, परंतु फेश बुक में लिखने से पहले मैने नहीं सोचा था, कि कोई लड़की भी मेरे साथ इस प्रकार की यात्रा की बात सोच सकती है? भारत में नौकरी करते समय तो स्त्री-पुरुष एक साथ काम करते ही हैं, परंतु इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई के समय मेरे हमारे साथ मुश्किल से 10-12 लड़कियाँ ही पढ़ती थी, इसलिए मेरे अधिकांश अनुभव लड़कों के साथ ही फलीभूत हुए थे। शायद इसी लिए, मैंने स्वाभाविक तौर पर सोचा था कि मेरे इस प्रश्न का उत्तर कोई लड़का ही देगा, परंतु यह भी सही है कि इंजीनियरिंग के अलावा हमारे इस विश्वविद्यालय में विज्ञान, कला और संगीत आदि के विभिन्न विषय भी पढ़ाए जाते हैं, इसलिए जो हुआ वह नितांत साधारण सी बात है।

मेरी एन को कोई उत्तर देने से पहले, मैंने सोचा कि देख लूँ, यदि कोई और भी मेरे प्रश्न का उत्तर दे, तो अधिक अच्छा रहेगा! कैनेडा जाने का मतलब होगा कि खर्चा और अधिक बढ़ेगा, साथ ही भारतीय होने के कारण मुझे कैनेडा के लिए वीसा भी अलग से लेना पड़ेगा, जिसका खर्च अलग से होगा।

आगे....