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जीवनी/आत्मकथा >> हेरादोतस

हेरादोतस

सुधीर निगम

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2017
पृष्ठ :39
मुखपृष्ठ : ई-पुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 10542
आईएसबीएन :9781610000000

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पढ़िए, पश्चिम के विलक्षण इतिहासकार की संक्षिप्त जीवन-गाथा- शब्द संख्या 8 हजार...

इतिहास और मिथक

हेरादोतस अपने इतिहास का प्रारंभ तीन मिथकीय स्त्रियों (लो, यूरोपा और मीडिया) के अपहरण से करते हैं और दावा करते हैं कि यूनानियों और बर्बरों में संघर्ष का कारण स्त्रियां ही रही हैं। यद्यपि हेरादोतस अपनी जांच-पड़ताल को इतिहास के गंभीर पेशे के अंतर्गत मानते हैं पर मिथकों के संग्रह से ली गई कहानियों को मनोरंजक रूप प्रस्तुत करने में भी वह पीछे नहीं रहे। परंतु जहाँ तक उनके ऐतिहासिक लेखन का प्रश्न है वे यह कार्य बड़े न्यायसंगत ढंग से करते हैं।

वे कहानियों की संभाव्यता की जांच करते हुए अपनी खोजपरक कसौटी पर संपुष्ट करने के बाद ही उन्हें प्रस्तुत करते थे। यद्यपि मानवीय घटनाओं में देवता व्यक्गित रूप से उपस्थित नहीं हैं पर वे स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं कि ‘‘बहुत-सी बातों से यह सिद्ध होता है कि मनुष्य के मामलों में देवता भी भाग लेते हैं।’’ (IX, 110)

अपनी पुस्तक के प्रथम खंड के अनुच्छेदों 23 और 24 में वे वीणा (हार्प) वादन कला में अद्वितीय एरियन की कहानी सुनाते हैं जिसे समुद्र में डूबने से डाल्फिन द्वारा बचाया गया था। कहानी की भूमिका बांधते हुए हेरादोतस कहते हैं- ‘‘एक आश्चर्यजनक बात हुई है। पेरिएंडर के दरबार में रहने के कारण एरियन बहुत धनवान हो जाता है, तभी उसके मन में इटली और सिसली की समुद्री यात्रा करने की इच्छा जागृत होती है। उसने एक जहाज किराए पर लिया। उसके नाविक कोरंथियन थे। वे उसे विश्वसनीय लगे। परंतु जहाज चलने पर नाविकों ने एरियन को मारकर समुद्र में फेंक देने और उसका धन हड़प लेने का षड़यंत्र रचा। एरियन को इसका पता चल गया तो उसने नाविकों से कहा कि वे उसका धन ले लें पर उसकी जान बख्श दें। नाविकों ने दो विकल्प रखे- या तो वह तत्काल अपने को मार डाले या समुद्र में कूदकर अपनी जान की रक्षा स्वयं करे। एरियन पानी में कूद पड़ा पर डाल्फिन द्वारा उसे बचा लिया गया।’’

डॉल्फिन द्वारा समुद्र में डूबते हुए मनुष्य को बचाना मिथक नहीं वास्तविकता है। आधुनिक युग के ऐसे कई उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं।

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