शब्द का अर्थ
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माँज :
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स्त्री० [देश] १. दलदली भूमि। २. कछार। तराई। ३. नदी के खिसकने के कारण निकली हुई भूमि। गंग-बरार। |
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समानार्थी शब्द-
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माँजना :
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सं० [सं० मज्जन] १. कोई चीज अच्छी तरह साफ करने के लिए किसी दूसरी चीज से उसे अच्छी तरह मलना या रगड़ना। जैसे—बरतन माँजना। २. जुलाहों का सूत चिकना करने के लिए उस पर सरेस का पानी रगड़ना। ३. डोर या नख पर मांझा लगाना। ४. कुम्हारों का थपुए के तवे पर पानी देकर उसे ठीक करने के लिए किनारे झुकाना। ५. किसी काम या चीज का अभ्यास करना। जैसे—(क) लिखने के लिए हाथ माँजना। (ख) गाने के लिए गीत या राग माँजना। |
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माँजर :
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पुं० =पंजर (ठठरी)। (यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) |
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माँजा :
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पुं० [देश] पहली वर्षा का फेन जो मछलियों के लिए मादक कहा गया है। पुं० =माँझा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) |
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माँजिष्ठ :
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वि० [सं० मंजिष्ठा+अण्] १. मजीठ से बना हुआ। २. मजीठ के रंग का। ३. मजीठ सम्बन्धी। मजीठ का। पुं० एक प्रकार का मूत्र-रोग या प्रमेह जिसमें मजीठ के रंग का पेशाब होता है। |
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