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कविता संग्रह >> संभाल कर रखना

संभाल कर रखना

राजेन्द्र तिवारी

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :123
मुखपृष्ठ : ईपुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 9720
आईएसबीएन :

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मन को छूने वाली ग़ज़लों का संग्रह



18

शह दी है पियादे ने कोई बात नहीं है


शह दी है पियादे ने कोई बात नहीं है।
बाक़ी है अभी खेल अभी मात नहीं है।।

फस्लें न उगेंगी न कभी प्यास बुझेगी,
ये ओस की बूँदें हैं ये बरसात नहीं है।

नन्हा सा दिया देख के घबराये जो सूरज,
ये क़द की बुलन्दी है करामात नहीं है।

कहते हैं कोई शहर में अब भी है वफा़दार,
हालाँकि मेरी उससे मुलाका़त नहीं है।

मज़हब की सलाख़ों में मुझे क़ैद न करना,
इन्सान हूँ मैं कोई मेरी जात नहीं है।

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Abhilash Trivedi

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